वज़न नहीं घट रहा? तब तो इन नुस्खों के बारे मे नहीं जानते आप

आजकल वजन का बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। वजन जितनी आसानी से बढ़ जाता है उतनी ही मुश्किल होती है उस वजन को घटाने मे। वजन घटाने के लिए लोग तरह-तरह के तरीके अपनाते है। लेकिन इन सबको करते हुये लोग ये भूल जाते है कि कभी-कभी छोटी-छोटी बातें बहुत असरदार रूप से काम करती है। वजन बढ़ने को रोकने के लिए बॉडी को एक्टिव रखना जरूरी होता है।

याद रखिए कि आज जो आपका वेट है वो कोई दो-दिन या दो महीनो कि देन नहीं है। यह तो बहुत समय से चली आ रही आपकी लाइफ स्टाइल का नतीजा है। वजन कम करना है तो आपको सब्र रखना होगा। किसी भी चीज़ से ज्यादा जरूरी है कि आप वजन कम करने के लिए जो एफर्ट्स कर रहे है उसमे आपका यकीन होना। आप जैसा दिखना चाहते है वैसे ही खुद के बारे मे सोचिए। यकीन जानिए आपको वजन कम करने मे मदद मिलेगी । आइए जानिए कि और किस तरह से हम वजन कम कर सकते है।

पानी पिये: नाश्ते के बाद पानी को अपना मेन ड्रिंक बनाएँ। नाश्ते के वक़्त ऑरेंज जूस, चाय, दूध इत्यादि जरूर लें लेकिन उसके बाद पूरे दिन पानी को ही पीने के लिए इस्तेमाल करे। इस तरह आप 200-250 कैलोरी कम ग्रहण करेंगे। बिना पानी के आप वज़न कम करने के बारे मे कल्पना भी नहीं कर सकते। तो पहला और सबसे ज़रूरी कदम है पानी। अपने शरीर मे पानी की कमी नहीं होने दे।

नज़र रखिए: पेडोमीटर यंत्र का प्रयोग करें, ये आपके हर कदम को गिनता है। कोशिश करे कि हर रोज़ 7000 से 10000 कदम ज्यादा चला जाए। हम जितना ज्यादा चलेंगे वजन उतना कम होने लगेगा। अगर आपके पास स्मार्टफोन मे पेडोमीटर का सपोर्ट है तो वो इस्तेमाल करें। आप जो कुछ भी खाएं उसे एक डाइरी मे लिखे। इसके लिए आप मोबाइल app का प्रयोग भी कर सकते हैं।

6 बार खाएं तीन टाइम खाने के बजाए 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। यदि व्यक्ति सुबह, दोपहर, शाम खाने की बजाए दिन भर 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं तो वो 30% कम कैलोरी लेता है और ऐसा करने से शरीर कम इंसुलिन रिलीस करती है जो आपके ब्लड शुगर को सही रखता है और आपको भूख कम लगती है। ज्यादा कैलोरी आप दोपहर मे ही ले लें ताकि आप रात मे कम खाएँगे और रात तक कैलोरी बर्न हो जाएँ। दोपहर मे खाने से पहले 3 ग्लास पानी पीये जिससे आपको भूख कम लगेगी।

वॉक पर जाएँ रोज 45 मिनिट टहलिए। ये आपका वजन बढ़ने नहीं देगा। यदि आप ये काम सुबह ताज़ी हवा मे करे तो इसका असर अलग ही नज़र आएगा। सुबह जल्दी उठने कि आदत डाले। नीले रंग का अधिक प्रयोग करे। आप खाने मे नीले प्लेट का प्रयोग करे। नीले कपड़े पहने। इसके विपरीत रंग जैसे लाल, पीला और नारंगी रंग खाते वक़्त अनदेखा करे। खाने मे छोटी थाली का प्रयोग करे जिससे आप कम खाना खाये।
एक शोध मे पाया गया कि वॉटर रिच फूड जैसे कि लौकी, खीरा, टमाटर आदि खाने से आपका कैलोरी consumption कम होता है इसलिए इसका प्रयोग अधिक से अधिक करे।

चाय, कॉफी बनाने मे या सिर्फ दूध पीने के लिए स्कीम दूध का प्रयोग करे इसमे कैलोरी कम होती है। खाना धीरे धीरे खाये। खाना धीरे-धीरे खाने से आपका मस्तिष्क पेट भर जाने का आदेश दे देगा और आप कम खाएँगे।

खूब फल खाये। ज्यादा से ज्यादा चले। आप जितना ज्यादा चलेंगे आपकी कलौरी उतनी ही अधिक बर्न होगी। लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
जब भी आपको वक्त मिले तो म्यूजिक लगाकर डांस करें। ऐसा करने से आपका मनोरंजन होगा और आपकी कैलोरी भी बर्न होगी।
वजन कम करने के लिए आपको सब्र रखना होगा। छोटी-छोटी बातो पर ध्यान देकर आप इस काम को अच्छे और तेजी से कर पाएंगे।

वज़न बढ़ने के 7 असली कारण जो आपको पता होने ही चाहिए

आज की जीवनशैली के चलते लोगो मे मोटापा बढ़ना एक आम बात है। मोटापा न सिर्फ आपके लुक को बिगाड़ता है बल्कि कई बीमारियों को साथ मे लाता है। आज के दौर मे ज़्यादातर लोगो मे वजन बढ़ना और पेट पर जमा फैट जमना एक आम समस्या है। इसका मुख्य कारण लोगो मे खान-पान और रहन-सहन का गलत तरीका है। लोग ज्यादा शारीरिक परिश्रम करना ही नहीं चाहते है।

वजन क्यो बढ़ता है जानिए असली कारणो को
वजन बढ़ने का विज्ञान बड़ा सीधा-साधा है। यदि आप खाने पीने के रूप मे जितनी कैलोरी ले रहे है उतनी बर्न नहीं करेंगे तो आपका वेट बढ़ना तय है। दरअसल बची हुई कैलोरी ही हमारे शरीर मे फैट के रूप मे इकट्ठा हो जाती है और हमारा वजन बढ़ जाता है। आइये जानिए वजन बढ़ने के क्या कारण हो सकते है?

  • भोजन :- वजन बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण हमारा भोजन है। यदि हमारे खाने मे कैलोरी की मात्रा अधिक हो तो वजन बढ़ने के चान्स ज्यादा हो जाते है। अधिक तला-भुना, मसालेदार, देशी घी, मीठे पेय पदार्थ आदि का सेवन शरीर मे जरूरत से ज्यादा कैलोरी इकट्ठा करने लगती है जिसे हम बिना मेहनत के बर्न नहीं कर पाते और नतीजा हमारे बढ़े हुये वजन के रूप मे दिखाई देता है।
  • शारीरिक श्रम ना करना :- अगर आपकी दिनचर्या ऐसी है कि आपको ज्यादा हाथ-पाँव नहीं हिलाने पड़ते तो आपका वेट बढ़ना तय है। खास तौर पर जो लोग घर मे ही रहते है या दिनभर कुर्सी पर बैठ कर ही काम करते है उन्हे जान-बूझ कर अपनी जीवनशैली मे कुछ शारीरिक श्रम करनी चाहिए।
  • उम्र :- उम्र के साथ वजन का बढ़ना स्वाभाविक है। उम्र बढ़ने के साथ हमारी मांसपेशिया फैट मे बदल जाती है। फैट बढ़ने के कारण मधुमेह और उच्च तनाव होने का ख़तरा बढ़ जाता है। और मेटाबोलिस्म (उपापचयी क्रिया) मे कमी आ जाती है जिसके कारण ही महिलाओ मे वजन बढ़ने कि संभावना बढ़ जाती है।
  • आनुवंशिक कारण :- यदि आपके माता-पिता मे से किसी एक का भी वजन बहुत ज्यादा है तो आपका वजन भी ज्यादा होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा जेनेटिक्स का असर भी पड़ता है।
  • लिंग :- आपका स्त्री या पुरुष होना भी आपके वजन पर असर डालता है। स्त्रियों के शरीर मे फैट की मात्रा पुरुषों कि अपेक्षा अधिक होती है। एक सामान्य वजन कि स्वस्थ स्त्री के शरीर मे 25% फैट होता है जबकि एक पुरुष मे यह मात्रा सिर्फ 15% होती है।
  • गर्भावस्था :- गर्भावस्था के दौरान वजन का बढ़ना एक समान्य प्रक्रिया है। आमतौर पर किसी महिला का वजन 5 से 10 किलो बढ़ जाता है जो कि शिशु को पोषण पहुचाने के लिए जरूरी है।
  • दवाइयाँ :- कुछ खास तरह की दवाइयाँ आपका वज़न बढ़ा सकती है।

क्या आप चलते हुए रास्ता भूल जाते हैं ? तो हो जाए सावधान !

आप कहीं जाते रहते है और थोड़ी दूर जाते ही आपको लगने लगता है कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं क्या ऐसा आपके साथ अक्सर होता है ? अगर ऐसा होता है तो हो जाए सावधान क्योंकि इससे आपको मानसिक एवं शारीरिक परेशानियो का सामना करना पढ़ सकता है | आइये जानिए कि ऐसा किस कारण होता है और इससे किस तरह की परेशानिया हो सकती है |

हम अक्सर किसी न किसी तनाव मे होते है | ऐसा उस समय होता है जब हम कुछ सोच रहे होते हैं | किसी बात से परेशान होते है और चिंता करते है | ऐसी स्थिति मे अक्सर हम चलते हुए गलत रास्ते चलने लगते है इस ग़लती के लिए हमारा मस्तिष्क जिम्मेदार होता है |

रोज़मर्रा कि जिंदगी मे हम काम के प्रति इतने व्यस्त हो गए है जिसके चलते हमे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है| इस तनाव के दौरान हमारे दिमाग का दायाँ भाग हमे बाएँ ओर चलने के लिए प्रेरित करता है| यूनिवर्सिटी ऑफ केंट के शोध मे मस्तिष्क के दो भागों कि सक्रियता को व्यक्ति के चलने से जोड़कर देखा गया है | शोध के दौरान यह पता चला कि मस्तिष्क के दो हिस्से आपस मे अलग-अलग प्रेरक तंत्रो के साथ जुड़े है और इसके कारण मानसिक अवरोध और मस्तिष्क के दाएं हिस्से की सक्रियता के बीच स्पष्ट संबंध का पता चला है |

अगर आप भी इस समस्या से ग्रसित है तो आपको अभी से सावधान होने कि जरूरत है क्योकि तनाव के चलते आप कभी भी असमंजस मे पढ़ सकते है आपको निर्णय लेने मे परेशानी हो सकती है | इस कारण आपका मस्तिष्क एकाग्र नहीं होगा | आपकी स्मरण शक्ति कमजोर होने लगेगी |

मानसिक तनाव के अलावा आपके साथ शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न होने लगेंगी | आपको विभिन्न दर्द, बार-बार सर्दी होना, अतिसार, कब्ज़, मतली, चक्कर आना, छाती मे दर्द, यौन इच्छा मे कमी होने की समस्या भी हो सकती है | आपके व्यवहार मे भी परिवर्तन आ सकता है | जो व्यक्ति धूम्रपान, मदिरापान या ड्रग का उपयोग नहीं करते वह इसका प्रयोग करने लगते है और जो व्यक्ति इनका सेवन कम करते है वह ज्यादा मात्रा मे सेवन करने लगते है | नींद के तरीके मे बदलाव हो सकता है | निराशा स्वभाव हो सकता है | आपके मिज़ाज मे व्यवहार को प्रभावित करने वाले उतार चढ़ाव हो सकते है।

जय श्री कृष्णा

नमस्कार। आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हलचल का पहला लेख प्रकाशित करते हुए हमको बड़ी ख़ुशी हो रही है। आज के इस पावन पर्व की हम सब आपको हार्दिक शुभकामनायें प्रेषित करते हैं। और साथ में उस सावशक्तिमान से यह भी निवेदन करते है कि वह हम सभी को अपने जीवन में सफल बनाए और सभी की मनोकामना पूर्ण करे।

आज की इस मंगल बेला में हलचल समूह अपना पहला ऑनलाइन मैगज़ीन हलचल भी लॉंच करने जा रहा है। हलचल हिंदी मीडिया में एक क्रांतिकारी क़दम साबित होगा। हलचल का उद्देश्य उन सभी बातों के बारे में लोगों को अवगत करना है जिसकी इस समय हलचल चल रही है। अर्थात हम सभी लेटेस्ट ट्रेंड्ज़ पर आपको अपडेट करेंगे और वो भी हम सभी की आम बोलचाल की भाषा में।

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